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कà¥à¤¯à¤¾ होती है चरà¥à¤¬à¥€ की गांठ, जानें इसके लकà¥à¤·à¤£ और घरेलू इलाज के बारे में
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° चरà¥à¤¬à¥€ की गांठसरà¥à¤œà¤°à¥€ के माधà¥à¤¯à¤® से ठीक की जा जाती है, लेकिन सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद कई मामलो में इसके दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ देखे गठहैं.
अकà¥à¤¸à¤° हम देखते हैं कि शरीर में किसी जगह पर गांठहो जाती है. आम à¤à¤¾à¤·à¤¾ में इसे कई लोग चरà¥à¤¬à¥€ की गांठ(Lipoma) à¤à¥€ कहते हैं. इन गांठों में दरà¥à¤¦ (Pain) तो नहीं होता है, लेकिन शरीर में दिखने में अजीब लगती है. कई बार लोग इस तरह की गांठके कारण लजà¥à¤œà¤¿à¤¤ à¤à¥€ महसूस करते हैं. आइठजानते हैं चरà¥à¤¬à¥€ की गांठहोने के कारण, लकà¥à¤·à¤£ और घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े के बारे में.
इस कारण से होती है चरà¥à¤¬à¥€ की गांà¤
चरà¥à¤¬à¥€ की गांठके कई कारण हो सकते हैं. इनमें से कà¥à¤› मà¥à¤–à¥à¤¯ जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ यानी आनà¥à¤µà¤‚शिक à¤à¥€ हो सकते हैं. इसके अलावा घाव के कारण, मोटापा, अधिक शराब का सेवन करने या लिवर संबंधी रोगों के कारण à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है.
चरà¥à¤¬à¥€ की गांठहोने के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£
इसके लकà¥à¤·à¤£ अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार की गांठसे अलग हो सकते हैं। यह गांठगरà¥à¤¦à¤¨, कंधे, हाथ, कमर, पेट व जांघ पर नजर आते हैं. इस तरह की गांठमें जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ नहीं होता है, लेकिन किसी नस पर दबाव पड़ने पर इसमें हलà¥à¤•ा दरà¥à¤¦ हो सकता है. कà¥à¤› लोगों को चरà¥à¤¬à¥€ की गांठहोने पर कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ रहती है.
इन घरेलू उपाय से दूर करें चरà¥à¤¬à¥€ की गांà¤
गांठपर रूई से रोज नींबू का पानी लगाà¤, इसमें à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ जाते हैं, जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. सेब का सिरका à¤à¥€ गांठपर लगाया जा सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से शरीर डिटॉकà¥à¤¸à¥€à¤«à¤¾à¤ˆ होता है, इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® बेहतर होता है और रकà¥à¤¤ संचार à¤à¥€ ठीक हो सकता है.
गांठपर हलà¥à¤¦à¥€ का पेसà¥à¤Ÿ लगाने से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हिसà¥à¤¸à¤¾ जलà¥à¤¦ ठीक होने लगता है. हलà¥à¤¦à¥€ में à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤•, à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ और à¤à¤‚टीमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं. ये सूजन को कम करने और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को दूर करने का काम करते हैं.
लहसà¥à¤¨ से à¤à¥€ चरà¥à¤¬à¥€ की गांठका इलाज किया जा सकता है. इसमें à¤à¤‚टीमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤², à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट, à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीफंगल गà¥à¤£ होते हैं, जो चरà¥à¤¬à¥€ की गांठको कम करने के साथ-साथ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाठरखने में à¤à¥€ मदद करते हैं.
इन सबके अलावा खानपान का à¤à¥€ विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤. विटामिन ठऔर विटामिन ई से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का à¤à¤°à¤ªà¥‚र सेवन करें और पानी à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पिà¤à¤‚.
इन चीजों के सेवन से बचें
कॉफी और चाय में कैफीन à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है, जो गांठके बढ़ने का कारण बन सकता है. वहीं, तैलीय व मसाला यà¥à¤•à¥à¤¤ खाने का à¤à¥€ परहेज करना चाहिà¤.
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